एक सप्ताह पहले हुई बारिश से आज भी नेहरू इंटरमीडिएट कॉलेज, रतनपुरा का विशाल मैदान जलमग्न
लेखक सतीश कुमार पाण्डेय
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एक सप्ताह पहले हुई बारिश से आज भी नेहरू इंटरमीडिएट कॉलेज, रतनपुरा का विशाल मैदान जलमग्न
तीन हजार छात्रों, खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी पानी निकासी की नहीं है कोई व्यवस्था।
सतीश कुमार पाण्डेय मऊ
रतनपुरा।स्थानीय क्षेत्र में पिछले सप्ताह तीन दिन तक लगातार हुए बारिश के बाद आज लगभग एक सप्ताह बाद भी नेहरू इंटरमीडिएट कॉलेज,रतनपुरा का विशाल दोनों मैदान पूरी तरह जलमग्न है।जलभराव के कारण विद्यालय के लगभग तीन हजार छात्र-छात्राओं, सुबह में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों तथा सुबह-शाम टहलने वाले स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नेहरू इंटरमीडिएट कॉलेज का अगला और पिछला मैदान सब्जी मण्डी में जाने वाले मार्ग पर जल जमाव है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस चौकी मोड़ से गाढ़ा रोड़ होते हुए चमडा़ागोदाम मार्ग पर लगभग आठ महीने पहले जिला पंचायत द्वारा कराए गए नाले के निर्माण में तकनीकी खामियां छोड़ दी गईं। पुलिया के नीचे से जल निकासी की व्यवस्था बाधित हो गई, जिससे बरसात का पानी मैदान में जमा हो रहा है।प्रधानाचार्य राकेश सिंह, दीपक कुमार सचिव, मनोज गौतम,शिवांकर सिंह, ऋषिकेश सिंह,प्रवीण कुमार,अमरजीत सिंह, आदि लोगों का कहना है कि अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा आज हजारों छात्र-छात्राओं और पूरे क्षेत्र की जनता भुगत रही है।
यह मैदान केवल विद्यालय का खेल परिसर नहीं, बल्कि रतनपुरा एवं आसपास के कई गांवों के युवाओं के लिए खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक और व्यायाम के लिए भी आते हैं। जलभराव के कारण खेलकूद पूरी तरह प्रभावित हो गया है और आवागमन भी मुश्किल हो गया है।हैरानी की बात यह है कि हर वर्ष यह समस्या और गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक न तो स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की गई और न ही जिम्मेदार विभाग ने कोई प्रभावी कदम उठाया। इतना बड़ा जनहित का मुद्दा होने के बावजूद अधिकांश मीडिया माध्यमों में इसे अपेक्षित स्थान नहीं मिल रहा है।क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी मऊ, जिला पंचायत तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराकर पुलिया और नाली की तकनीकी खामियों को दूर किया जाए तथा स्थायी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि जल भराव की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी ।
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